रविवार, १५ अगस्त २०१०
आजादी
प्रस्तुतकर्ता दिनेश शर्मा पर ९:१८ अपराह्न 3 टिप्पणियाँ
बृहस्पतिवार, ८ जुलाई २०१०
साहब का कुत्ता
प्रस्तुतकर्ता दिनेश शर्मा पर ५:४६ अपराह्न 4 टिप्पणियाँ
लेबल: कुत्ता
शनिवार, १९ जून २०१०
प्रीत
प्रस्तुतकर्ता दिनेश शर्मा पर ६:४२ पूर्वाह्न 6 टिप्पणियाँ
मंगलवार, १५ जून २०१०
अपनी अहमियत है
जिन्दगी में प्यार की
बसंत में बहार की
गीता के सार की
अपनी अहमियत है |
बागों में फूलों की
मेले में झूलों की
जीवन में उसूलों की
अपनी अहमियत है |
तरकश में तीर की
भोजन में खीर की
तरलों में नीर की
अपनी अहमियत है |
युद्ध में वीरों की
गणित में जीरो की
फ़िल्म में हीरो की
अपनी अहमियत है |
दिनों में इतवार की
दोस्ती में ऐतबार की
काव्य में अलंकार की
अपनी अहमियत है |
जेवरों में शाइन की
पार्टी में वाइन की
जंगल में लायन की
अपनी अहमियत है |
फूलों में गुलाब की
रातों में ख्वाब की
दफ्तर में साहब की
अपनी अहमियत है |
रसों में श्रृंगार का
आभूषणों में हार का
मुंह में लार की
अपनी अहमियत है |
त्योहारों में दीवाली की
शहरों में बरेली की
मकानों में हवेली की
अपनी अहमियत है |
मेरे लिए आपकी
हर पल साथ की
दिल की बात की
अपनी अहमियत है ||
प्रस्तुतकर्ता दिनेश शर्मा पर ८:५५ अपराह्न 7 टिप्पणियाँ
शनिवार, ५ जून २०१०
समस्या
उस दिन
अचानक
नेता जी ने
अपने सहयोगियों की
एक सभा बुलायी
उनके सामने
अपनी समस्या बतायी
वे बोले,
दोस्तो मेरे साथ
धोखा हुआ है
एक दलाल ने
भर्ती का
मेरा हिस्सा
मार लिया है
अब तुम ही बताओ
उसका
क्या हाल किया जाए
मार दिया जाए
कि छोड़ जाए।
प्रस्तुतकर्ता दिनेश शर्मा पर १:१५ अपराह्न 4 टिप्पणियाँ












